उत्तरकाशी। मानदेय बढ़ाने और सेवानिवृत्ति लाभ समेत विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का गुस्सा जिला मुख्यालय पर फूट पड़ा। आंगनबाड़ी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा उत्तराखंड के बैनर तले जिलेभर से बड़ी संख्या में कार्यकर्तियां रामलीला मैदान में एकत्र हुईं। यहां से नारेबाजी करते हुए कार्यकर्तियां शहर के मुख्य मार्गों से होकर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचीं और जमकर प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और जिलाधिकारी उत्तरकाशी के नाम मांगपत्र सौंपा।
संगठन ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लंबे समय से विभागीय जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है। मांगपत्र में राज्य सरकार से मानदेय में 140 रुपये प्रतिदिन की वृद्धि करने तथा केंद्र सरकार को 150 रुपये प्रतिदिन मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव भेजने की मांग की गई।
सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये देने की मांग
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा के लिए बिना किसी अतिरिक्त अर्हता की शर्त के 10 लाख रुपये की धनराशि दिए जाने की मांग भी उठाई। संगठन का कहना है कि वर्षों से विभागीय योजनाओं और जिम्मेदारियों को जमीन पर पहुंचाने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में उनकी आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित किया जाना जरूरी है।

संगठन की जिलाध्यक्ष लक्ष्मी विजय नौटियाल ने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए 15 दिनों के भीतर सकारात्मक कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय में मांगों का समाधान नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होगा।
प्रदर्शन में जिला महामंत्री सुमित्रा, किरण भंडारी, कमला सेमवाल, सरोज सेमवाल, अनु सहित मोरी, पुरोला, नौगांव, चिन्यालीसौड़, डुंडा और भटवाड़ी विकासखंडों से बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्तियां शामिल रहीं।
राज्य से 140 और केंद्र से 150 रुपये प्रतिदिन बढ़ाने का प्रस्ताव भेजने की मांग
– 15 दिन में समाधान नहीं तो उग्र आंदोलन की चेतावनी



