उत्तरकाशी। केदारताल ट्रेक पर लापता सात ट्रेकर्स और एक गाइड की तलाश में चलाए जा रहे सर्च एवं रेस्क्यू अभियान के दौरान मंगलवार को बड़ी सफलता मिली। एसडीआरएफ और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) की संयुक्त टीम ने एवलांच में दबे एक महिला और एक पुरुष के शव बरामद किए हैं। दोनों शवों को भारी मशक्कत के बाद बर्फ से बाहर निकाला गया। हालांकि, देर शाम तक मृतकों की पहचान नहीं हो पाई थी। शेष लापता सदस्यों की तलाश के लिए बुधवार को फिर से अभियान चलाया जाएगा।
30 अक्टूबर को शाम 6:39 बजे सोल सीकर ट्रैकिंग एजेंसी के संचालक ने प्रशासन को सूचना दी थी कि गंगोत्री से केदारताल ट्रेकिंग के लिए गया एक दल वापसी के दौरान भारी हिमपात और एवलांच की चपेट में आ गया। हादसे के बाद दल के सात ट्रेकर्स और एक गाइड समेत कुल आठ सदस्य करीब चार हजार मीटर की ऊंचाई पर लापता हो गए थे। सूचना मिलने के बाद से ही विभिन्न एजेंसियों की ओर से खोज एवं बचाव अभियान चलाया जा रपुष्टि

रेस्क्यू टीम ने मंगलवार अपराह्न करीब तीन बजे तक सर्च अभियान चलाया। इसके बाद मौसम और दुर्गम परिस्थितियों को देखते हुए टीम वापस बेस कैंप लौट आई। बरामद दोनों शवों की शिनाख्त नहीं हो सकी है। वहीं, लापता छह अन्य सदस्यों की तलाश अभी जारी है।
प्रशासन और बचाव एजेंसियों के सामने अब शेष छह लापता सदस्यों को खोजने की चुनौती है। इसके लिए बुधवार चार नवंबर को एक बार फिर संभावित स्थलों पर सर्च अभियान चलाया जाएगा। लगातार बर्फबारी, हिमस्खलन के खतरे और करीब 13 हजार फीट से अधिक ऊंचाई वाले दुर्गम क्षेत्र में रेस्क्यू टीम को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।
चार हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इस दुर्गम क्षेत्र में भारी हिमपात और एवलांच के कारण रेस्क्यू टीमों को लगातार चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। दो शव मिलने के बाद हादसे की गंभीरता और बढ़ गई है। परिजनों की निगाहें अब बुधवार को चलने वाले सर्च अभियान पर टिकी हैं।
बर्फीले तूफान और एवलांच की चपेट में आए आठ सदस्यीय दल की तलाश जारी
चौथे दिन अभियान में मिली बड़ी सफलता; बरामद शवों की शिनाख्त नहीं



