गांधी जयंती पर स्वामी चिदानंद सरस्वती ने चलाया स्वच्छता अभियान, ‘एक पेड़ मां के नाम’ का लिया संकल्प
गंगोत्री/ उत्तरकाशी । गांधी जयंती के अवसर पर गंगोत्री धाम में स्वच्छता, सेवा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। परमार्थ पीठाधीश्वर स्वामी चिदानंद सरस्वती और साध्वी भगवती सरस्वती ने गंगोत्री धाम के दर्शन कर मां गंगा का आशीर्वाद लिया। स्वामी चिदानंद सरस्वती के सान्निध्य में परमार्थ गुरुकुल के ऋषिकुमारों, आचार्यों और परमार्थ परिवार के सदस्यों ने धाम में स्वच्छता अभियान चलाया।
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि गंगोत्री केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि देश की आध्यात्मिक चेतना का प्रमुख केंद्र है। मां गंगा के तट की स्वच्छता पर्यावरण संरक्षण के साथ हमारी आस्था और जिम्मेदारी से भी जुड़ी है। उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्ति का आह्वान करते हुए कहा कि गंगोत्री से प्लास्टिक मुक्त तीर्थों का संदेश पूरे उत्तराखंड और देश में जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि तीर्थों में दर्शन के साथ उनकी सेवा का संकल्प भी लेना चाहिए। गंगा तट पर प्लास्टिक छोड़कर लौटना आस्था की भावना के अनुरूप नहीं है। सच्ची श्रद्धा वही है, जो आस्था को व्यवहार और पूजा को प्रकृति संरक्षण से जोड़े।
इस अवसर पर महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही ‘एक पेड़ मां के नाम-एक पेड़ धरती मां के नाम’ के तहत पौधारोपण का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना भी की गई। परमार्थ गंगा आरती उन्हें समर्पित की गई। स्वामी चिदानंद ने कहा कि हिमालय धैर्य, गंगा प्रवाह और हनुमान जी साहस का संदेश देते हैं। सेवा को जीवन का धर्म बनाना भारतीय परंपरा की विशेषता है।



