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पौड़ी गढ़वाल का गौरव: लेफ्टिनेंट कमांडर प्रियंका गुसाईं ने समुद्र के रास्ते नापी पूरी दुनिया

भटकोट गांव (पैठाणी, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड) की बेटी लेफ्टिनेंट कमांडर प्रियंका गुसाईं समुद्र की लहरों पर इतिहास रच रही हैं।

वह ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ अभियान की 9 सदस्यीय टीम में भारतीय नौसेना की एकमात्र अधिकारी हैं। यह विश्व का पहला तीनों सेनाओं का महिला जल-परिक्रमा नौकायन अभियान है, जिसे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 11 सितंबर 2025 को मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया से रवाना किया था।

स्वदेश में निर्मित 50 फुट लंबे भारतीय सेना नौकायन पोत (IASV) त्रिवेणी पर सवार यह दल लगभग 26,000 समुद्री मील की यात्रा कर रहा है। इस दौरान टीम दो बार भूमध्य रेखा पार कर चुकी है और दुनिया के तीन महान अंतरीपों केप ल्यूविन, केप हॉर्न और केप ऑफ गुड होप का चक्कर लगाते हुए दक्षिणी महासागर और ड्रेक पैसेज जैसे विश्व के सबसे खतरनाक समुद्री क्षेत्रों से गुजरी है। इस यात्रा में टीम ने ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अर्जेंटीना और दक्षिण अफ्रीका के बंदरगाहों पर रुककर तिरंगा फहराया और विदेशों में भारतीय समुदाय से जुड़ाव को मजबूत किया।

अब, समुद्र में लगभग दस महीने बिताने के बाद, IASV त्रिवेणी का दल अपनी ऐतिहासिक यात्रा के अंतिम चरण में है और इसी जुलाई मुंबई लौट रहा है। पूरा देश इन जांबाज महिला अधिकारियों के स्वागत की तैयारी में है, वहीं भटकोट गांव और समूचा उत्तराखंड अपनी बेटी की घर वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। गढ़वाल की पहाड़ियों से निकलकर विश्व के महासागरों तक की उनकी यह यात्रा नारी शक्ति की एक चमकती मिसाल है।

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दिगंबर उपाध्याय
दिगंबर उपाध्याय
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